छोटे कस्बों व शहरों में फिल्म शिक्षा को मिलेगा बढ़ावाः राज्यवर्धन सिंह राठौर

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बीडीएन, नयी दिल्ली। केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि तकनीक ने पेशेवर फोटोग्राफी एवं कला फिल्मों को परिभाषित करने में अहम भूमिका निभाई है। तकनीक की बारीकियों के प्रति उभरती हुई युवा प्रतिभाओं के रूझान ने युवाओं की सीखने की क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव डाला उन्होंने ये बातें भारतीय फिल्म एवं टेलीविज़न संस्थान, पुणे और कैनन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के दौरान कहीं। इस अवसर पर कैनन इंडिया के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी कज़ुतदा कोबायशी भी उपस्थित थे।
भारतीय फिल्म एवं टेलीविज़न संस्थान और कैनन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच यह समझौता ज्ञापन देशभर के विभिन्न कस्बे और शहरों में लघु अवधि के पाठ्यक्रमों के माध्यम से फिल्म शिक्षा को बढ़ावा देगा। एफटीआईआई की अनोखी पहल एसकेआईएफटी (स्किलिंग इंडिया इन फिल्म एंड टेलीविज़न) के अंतर्गत कौशल उन्मुख प्रकृति के ज़्यादातर पाठ्यक्रमों सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों को प्रस्तावित किया गया है, जिनको राज्य सरकारें, विश्वविद्यालयों एवं विभिन्न शिक्षा संस्थानों के सहयोग से चलाया जाएगा।
इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए श्री कज़ुतदा कोबायशी ने कहा कि भारतीय फिल्म और टेलीविज़न संस्थान दुनिया के सर्वाधिक प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है, और सिनेमटोग्राफी कला एवं फिल्म निर्माण को दुनियाभर तक पहुंचाने के लिए बनाए गए एसकेआईएफटी के साथ सहयोग की घोषणा से कैनन गौरवांवित है। इस पहल में प्रौद्योगिकी साझेदार होने के नाते, कैनन इंडिया इस बात से अत्यंत खुश है कि फिल्म एवं टेलीविज़न के क्षेत्र में कौशल विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए चलाए जा रहे प्रयास कार्यक्रमों में कैनन भी अपना योगदान दे रहा है।

डिजिटल छायाचित्र के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त ब्रांड, कैनन एसकेआईएफटी कार्यक्रम के अंतर्गत चलाए जा रहे पाठ्यक्रमों के लिए प्रौद्योगिकी साझेदार के रूप में उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे और अन्य आवश्यक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराएगा। यह मदद इन पाठ्यक्रमों की फीस को कम करने में अहम योगदान देंगे और पाठ्यक्रम में शामिल छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे एवं उपकरणों से सीखने और अपनी प्रतिभा को पंख लगाने का मौका देंगे।

इन पाठ्यक्रमों को गुवाहाटी, जयपुर, विशाखापट्टनम, रायपुर, चंडीगढ़, भोपाल, लेह और अंडमान एवं निकोबार आदि वे क्षेत्र हैं, जहां से इन पाठ्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी। शुरुआत में एसकेआईएफटी डिजिटल सिनेमटोग्राफी, डॉक्युमेंट्री फिल्म मेकिंग, स्क्रीनप्ले राइटिंग, फिल्म क्रिटिसिज़्म और जर्नलिज़्म एवं फिल्म एप्रिसिएशन जैसे पाठ्यक्रमों का संचालन करेगा।

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