गोलू-कोमल की शादी फिल्मी कहानी जैसी

Bihar Society Youth

विजय कुमार, रक्सौल

ऐसा अमूमन तौर पर बॉलीवुड की फिल्मों में ही देखने को मिलता है जिसमें नायक/नायिका अपने सच्चे प्यार की खातिर अपनी इच्छाओं को भी मार देते है।विवाह फ़िल्म के नायक ने अपनी मंगेतर को तब भी पुरे मनोयोग से अपना लिया था जब वो पंडाल में लगे आग में बुरी तरह झुलस गयी थी लेकिन रियल लाइफ में अपने मंगेतर के दिव्यांग होने पर भी एक लड़की ने उसी से विवाह करने का निर्णय लेकर पुरे समाज को गौरवान्वित करने का अवसर दे दिया है,जो समाज अपनी पत्नी में मीनमेख निकालते रहते है।जी हाँ,हम बात कर रहे है रक्सौल की एक बेटी कोमल की,जिसकी शादी पश्चिम चंपारण जिला के नरकटियागंज शहर के निवासी रामश्रवण प्रसाद के द्वितीय पुत्र विशाल सोनी उर्फ़ गोलू से तय हुई थी और वह 13 जून 17 को एक बस दुर्घटना में अपना एक पर गवां बैठा।परिस्थितिवश उसका एक पैर काटना भी पड़ा. उसका विवाह संस्कार पहले से पूर्वी चंपारण के रक्सौल मौजे निवासी नीतू देवी व पप्पू सोनी की सुपुत्री कोमल से तय हुआ था. दुर्घटना के बाद शादी का टूटना भी लगभग तय माना जा रहा था. लेकिन जिस कन्या(कोमल) से विवाह तय हुआ था, उसके (कन्या के) दृढ निश्चयात्मक(कठोर) निर्णय ने एक नया मोड़ ला दिया व विवाह को टूटने से उसने बचा लिया।कन्या (लड़की) के उत्तम विचार ने सबको चौंका दिया,जिसने कहा अपने परिजनों से कहा कि यदि विवाहोपरांत ऐसी दुर्घटना हुई होती तो क्या होता ? उसके इस विचार की सर्वत्र प्रशंसा और सराहना हो रही है,अंततः नवदिव्यांग विशाल कुमार सोनी उर्फ़ गोलू का विवाह गोपाला ब्रह्मस्थान मंदिर नरकटियागंज में सोमवार को संपन्न हुआ. जिसे देखने दूर दराज से लोग पहुँचे और वर-वधु को आशीर्वाद देते रहे. आज के परिवेश में गोलू और उसकी पत्नी ने जिस विपरीत व विषम परिस्थितियों में अपने निर्णय को अडिग रखा काफी सराहनीय और समाज के लिए प्रेरणादायक हैं. आधुनिक समाज में विशाल का विवाह निश्चित ही प्रेरक है वैसे विवाह की चर्चा मात्र के बाद किसी घटना दुर्घटना का दोष लड़कियों पर मढने का कार्य समाज करता आया है. घटना के बाद निश्चित ही तय किये गए विवाह रोक दिए जाते हैं, लेकिन विशाल उर्फ़ गोलू के पैर काट दिए जाने के बाद भी दोनों परिवार के निर्णय और सर्वश्रेष्ठ लड़की के उत्तम विचार ने दो परिवार के मान सम्मान को बढाया है. उसके साथ ही अब दिव्यांग बन चुके गोलू का गृहस्थ आश्रम में प्रवेश कर उसके सूने जीवन में उम्मीद की नै किरण जगाया और समाज को एक नया सन्देश दिया है. रक्सौल मौजे पूर्वी चंपारण निवासी नीतू देवी और पप्पू सोनी की पुत्री कोमल के कठोर निर्णय ने उम्मीदों के खेज़ा को खदेड़ कर फिज़ा को खुशहाल बना दिया.इधर,लोगों में चर्चा आम रही कि शायद कोमल के प्यार व निष्ठा का ही असर था कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बाडी भी गोलू सकुशल जिन्दा बच गया,जो कोमल का होकर ही रहा।वर-वधू को आशीर्वाद देने रामश्रवण प्रसाद, रामेश्वर प्रसाद सर्राफ उर्फ़ मुन्ना सर्राफ, नीतू देवी, पप्पू सोनी, अर्जुन भारतीय, विकास कुमार और समाज के अन्य गणमान्य, नेता और वरीय पत्रकार मुख्य रूप से गोपाला ब्रह्मस्थान पहुंचे और दोनों के सुखद भविष्य की कामना की।

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