राज्यपाल कोटे के एमएलसी मनोनयन का अधिकार मिला मुख्यमंत्री को

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पटना
राज्यपाल कोटे से बिहार विधान परिषद की खाली 12 पदों पर मनोनयन की अनुशंसा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे. राज्य कैबिनेट की मंगलवार को आयोजित बैठक में इस पर मुहर लगा दी गयी है. अब यह फाइल राजभवन चली गयी है. वहां से अनुमति मिलने के बाद 12 सदस्यों का मनोनयन किया जायेगा. यह माना जा रहा है कि विधान परिषद की रिक्त सीटों पर छह भाजपा के और छह सदस्य जदयू के होंगे. अभी तक जदयू कोटे के भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी और भाजपा कोटे के खान एवं भूतत्व मंत्री जनक राम किसी भी सदन के नेता नहीं है. राज्यपाल कोटे से इन दोनों के विधान परिषद सदस्य के रूप में मनोनयन का रास्ता साफ हो गया.
मंत्रिपरिषद की बैठक में में राज्य की नयी इथनॉल नीति को भी सहमति दे दी है. इससे अब राज्य में इथनॉल आधारित नये उद्योगों को लगाने का रास्ता साफ हो गया है. कैबिनेट द्वारा नगर विकास विभाग को बिजली कंपनी को देने के लिए 700 करोड़ की स्वीकृति दी गयी. इसके साथ ही पेशा कर से सरकार को प्राप्त होनेवाले राजस्व को जनसंख्या के आधार पर सभी नगर निकायों को भेजने पर सहमति दी गयी.पटना विश्वविद्यालय पटना विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2021 और बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के संशोधन विधेयक 2021 पर भी कैबिनेट ने मुहर लगा दी. कैबिनेट द्वारा मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता अगले पांच वर्षों तक के लिए लागू रखने पर भी सहमति बनी. अनुमान लगाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सहायता भत्ता पर अगले पांच सालों में करीब 1000 करोड़ खर्च होंगे.

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