पदमावत देखने वाले जाए संभल के।

Society

 

IAS सूर्य प्रताप सिंह के फेसबुक वॉल से।

पद्मावत के विरोध में सड़कों पर उतरे राजपूत/सनातनी युवा कोई ‘आतंकवादी’ नहीं है ……. सभी राष्ट्रभक्त हैं …. याद रहे कि सभी सरकारें वोट की ख़ातिर इस मुद्दे पर नरम रूख अख़्तियार किए हुए हैं….पूरे सनातन समाज को नारी सम्मान के लिए उठी इस आवाज़ का सम्मान करना चाहिए क्यों कि ‘आज किसी एक की बारी तो कल किसी दूसरे की बारी आ सकती है’।             
गुटों में विभाजित ‘सनातन समाज’, ख़ासकर ‘राजपूत समाज’ को पद्मावत फ़िल्म के नाम पर एकजुट होने का समय है ….
चाहे इस फ़िल्म में 200 CUT लगे हो या नाम बदल दिया गया हो फिर भी इतने विवाद के बाद सांकेतिक रूप से आज ‘पद्मावत’ फ़िल्म को दिखाना पूरी भारतीय संस्कृति व पूरी नारी-जाति का अपमान होगा। सड़कों पर हो रहा यह उग्र विरोध इस देश के फ़िल्मकारों को एक चेतावनी होगी कि ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर किसी भी समाज की भावनाओं से खेलना ग़लत है…. भंसाली जैसे पैसे के लालची इससे सबक़ लेंगे।
राजपूत एक बहादुर क़ौम है …. देश के लिए सीमा पर (अन्य कौमों की भाँति) दुश्मनों से मुक़ाबला करते हुए हँसते-२ अपनी जान देता है …. सड़कों पर विरोध करने वाले राजपूत युवाओं को कुछ लोग टीवी डिबेटों में ‘आतंकवादी’ कह कर सम्बोधित कर रहे है। इस देशभक्त क़ौम को ज़बरदस्ती आतंकवादी कह कर युवाओं को और उद्वेलित न किया …… गम्भीर परिणाम हो सकते हैं।
कारण ज्ञात नहीं कि क्यों सुप्रीमकोर्ट यह क्यों चाहता है कि पद्मावत फ़िल्म ज़रूर दिखाई जाए, चाहे संगीनों के साये में ही दिखायी जाए……. पैसे वाले सभी सरकारों के प्रिय ‘अम्बानी’ जैसे लोग आज इस देश में कुछ भी कराने की हैसियत रखते हैं, इसमें कोई शक नहीं……..इस देश में 1% लोगों के पास 73% दौलत का यही सच है।
अब देखते हैं कि 25 जनवरी को कितने सिनेमा घरों पर एसटीएफ़/मिलिटेरी/तोपें लगाई जाती हैं।
कुछ संविधान व क़ानून के ‘हठी’ आलम्बरदार डिंगे भर रहे हैं कि वे इस फ़िल्म को ज़रूर देखने जाएँगे……. ज़रूर जाओ, मेरे भाई और ‘दम्भवश’ व पेशबंदी में परिवार/बच्चों को भी साथ ले जाओ लेकिन मेरा परामर्श है कि ज़रा संभल के जाना… एक तो ‘पद्मावत’ व नारी अस्मिता के मुद्दे पर आज की सभी राष्ट्रवादी ‘सरकारें’ नरम हैं और दूसरे सब जगह पर पुलिस भी नहीं जा सकती …. सड़कों पर युवावर्ग के उग्र रूप की देखते हुए कुछ भी हो सकता है…… मैं किसी को डरा नहीं रहा अपितु विनम्र परामर्श दे रहा हूँ, बाक़ी आपकी जैसी मर्ज़ी !!
राजपूत जैसी वीर-बजरंगी क़ौम को आतंकवाद की ओर न धकेलो, मेरे भाई….. देश का बड़ा नुक़सान हो जाएगा।
जय भवानी-जय भारत !!!

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