बिहार की राजनीति में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले जदयू विधायक अनंत सिंह ने नवादा जिले में एक बड़े रोड शो के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। शाहपुर मोड़ से होते हुए उनका काफिला जब नवादा की सीमा में दाखिल हुआ, तो समर्थकों का उत्साह देखते ही बनता था। यह दौरा न केवल एक सामान्य जनसंपर्क अभियान था, बल्कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी चुनाव के मद्देनजर एक बड़ी राजनीतिक हलचल के रूप में देखा जा रहा है।
नवादा जिले के वारिसलीगंज पहुंचते ही अनंत सिंह ने सबसे पहले शहीद चंदन सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके साथ MLC प्रत्याशी अनुज सिंह भी मौजूद थे। शहीद को नमन करने के बाद उन्होंने स्थानीय लोगों और अपने समर्थकों से मुलाकात की, जिससे वारिसलीगंज का माहौल पूरी तरह से चुनावी रंग में रंगा नजर आया।
चुनाव में बढ़ी सरगर्मी
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव हमेशा से ही बिहार की राजनीति में प्रतिष्ठा का विषय रहा है। अनंत सिंह की इस सक्रियता ने चुनावी समीकरणों को नए सिरे से परिभाषित करना शुरू कर दिया है। जानकारों का मानना है कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जमीनी स्तर पर पकड़ बनाने के लिए अनंत सिंह का यह रोड शो एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उनके साथ MLC प्रत्याशी अनुज सिंह का होना यह संकेत देता है कि जदयू इस सीट को लेकर कोई भी कसर छोड़ने के मूड में नहीं है।
रोड शो के दौरान उमड़ी भारी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में अनंत सिंह की लोकप्रियता का ग्राफ अभी भी काफी ऊंचा है। स्थानीय लोगों और समर्थकों ने जगह-जगह उनका जोरदार स्वागत किया। कई इलाकों में तो काफिला रुकने के बाद समर्थकों ने नारेबाजी कर अपना समर्थन भी जाहिर किया। यह जनसमर्थन आगामी चुनाव में उनके गठबंधन के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
प्रखंडों में रोड शो और जनसंपर्क
अनंत सिंह का आज का कार्यक्रम काफी व्यस्त है। नवादा जिले के कई प्रमुख प्रखंडों में आज उनका रोड शो आयोजित किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को अपने पक्ष में करना और पार्टी के कैडर में ऊर्जा का संचार करना है। वारिसलीगंज से शुरू हुआ यह कारवां जिले के अन्य हिस्सों में जाकर एक बड़े जनसभा के रूप में तब्दील हो सकता है।
इस पूरे दौरे के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया गया। चूंकि अनंत सिंह के साथ बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे, इसलिए प्रशासनिक व्यवस्था को भी अलर्ट मोड पर रखा गया था। स्थानीय राजनीति के जानकारों का कहना है कि स्नातक निर्वाचन चुनाव में पढ़े-लिखे मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, और ऐसे में इस तरह के रोड शो के जरिए अपनी बात को जनता तक पहुंचाना एक प्रभावी तरीका साबित हो सकता है।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि अनंत सिंह के इस दौरे का असर चुनाव के नतीजों पर क्या पड़ता है। फिलहाल, नवादा की राजनीति में ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर अनंत सिंह की धमक ने विपक्षी दलों के लिए भी एक नई चुनौती पेश कर दी है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की यह जंग अब और भी रोचक मोड़ पर आ गई है, जहां हर एक वोट की अहमियत बढ़ गई है।

