पटना साहिब के ऐतिहासिक तख्त श्री हरमंदिर जी गुरुद्वारा में अगले साल होने वाले श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 360वें प्रकाश पर्व को लेकर बिहार सरकार ने अभी से कमर कस ली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज (शुक्रवार) को  गुरुद्वारा परिसर में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें आगामी आयोजन की भव्यता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे बिहार की मेहमाननवाजी का सुखद अनुभव लेकर लौटें।

भव्य आयोजन की रूपरेखा और थीम

बैठक में मुख्य सचिव  प्रत्यय अमृत ने प्रकाश पर्व की कार्ययोजना का खाका पेश किया। यह आयोजन 09 जनवरी से 16 जनवरी 2027 तक चलेगा। इस बार के आयोजन की विशेष थीम ‘बिहार है तैयार, जी आया नूं’ रखी गई है, जो आने वाले श्रद्धालुओं के प्रति बिहार के सम्मान और स्वागत भाव को दर्शाती है। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए लगभग 20 से 30 एकड़ के विशाल क्षेत्र को चिन्हित किया गया है, जहाँ करीब 20 हजार लोगों के एक साथ रुकने की आधुनिक व्यवस्था विकसित की जा रही है।

पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने तैयारियों का प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। इसमें चलंत शौचालय, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष चेकपोस्ट और साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था शामिल है। कॉम्फेड की ओर से दूध और दही की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का भी निर्णय लिया गया है, ताकि लंगर और अन्य व्यवस्थाओं में कोई कमी न रहे।

यातायात और कनेक्टिविटी पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आवागमन को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने रेलवे के अधिकारियों, विशेषकर दानापुर मंडल और पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक को पटना साहिब रेलवे स्टेशन को पूरी तरह व्यवस्थित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर और गुलजारबाग स्टेशनों पर भी यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं बढ़ाने को कहा गया है।

यातायात का दबाव कम करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक अनूठी पहल का सुझाव दिया है। उन्होंने दीघा घाट से कंगन घाट तक ‘वाटर मेट्रो’ सेवा शुरू करने की संभावना तलाशने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोलकाता से वाटर मेट्रो किराये पर लेने या अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने पर गंभीरता से विचार किया जाए। यदि यह सेवा शुरू होती है, तो यह श्रद्धालुओं के लिए एक नया और आरामदायक अनुभव होगा। साथ ही, सड़कों को दुरुस्त करने और विशेष बसों का परिचालन करने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि गुरुद्वारा तक पहुंचना आसान हो जाए।

स्वास्थ्य, सुरक्षा और समयबद्धता

चूंकि प्रकाश पर्व का आयोजन जनवरी महीने में होगा, जब बिहार में कड़ाके की ठंड होती है, इसलिए स्वास्थ्य सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को देखते हुए हृदय रोग विशेषज्ञों सहित पर्याप्त चिकित्सा विशेषज्ञ तैनात किए जाएं। ठहरने के स्थानों पर पेयजल, स्वच्छता और बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही सभी कार्य पूरे कर लें। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, पटना की महापौर सीता साहू, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा सहित राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने तख्त श्री हरमंदिर जी गुरुद्वारा में मत्था टेका और राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी ने सरोपा, तलवार और प्रतीक चिन्ह भेंटकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। यह बैठक इस बात का संकेत है कि बिहार सरकार 360वें प्रकाश पर्व को एक ऐतिहासिक और अविस्मरणीय आयोजन बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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