बिहार सरकार ने राज्य के बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान राज्य के 1 करोड़ 8 लाख 36 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए कुल 1,237 करोड़ 48 लाख रुपये की राशि हस्तांतरित की। यह राशि सितंबर माह के पेंशन भुगतान के रूप में जारी की गई है, जिससे लाखों परिवारों को आर्थिक संबल प्राप्त हुआ है।

सामाजिक सुरक्षा और पारदर्शिता पर सरकार का जोर

पटना स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी और लाभार्थियों से संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार गरीब, बुजुर्ग और समाज के वंचित वर्गों के सम्मान और उनकी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। इस योजना के तहत प्रति लाभार्थी 1100 रुपये की राशि सीधे उनके खातों में भेजी गई है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि हर महीने की 10 तारीख तक पेंशन की राशि लाभार्थियों तक पहुंच जाए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के योगदान को याद करते हुए बताया कि कैसे पेंशन की राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये किया गया, जिससे लाखों लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, केवल एक महीने में 93,835 नए लाभार्थियों को इस पेंशन योजना से जोड़ा गया है, जो सरकार की समावेशी नीतियों का प्रमाण है।

जिलाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन का कोई भी पात्र लाभार्थी इस सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर निगरानी बेहद जरूरी है। इसके लिए उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के गांवों में जाकर यह देखें कि क्या सभी योग्य व्यक्तियों को पेंशन मिल रही है या नहीं। यह एक सामाजिक जिम्मेदारी है जिसे पूरी निष्ठा के साथ निभाया जाना चाहिए।

सरकार ने इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए पंचायत विकास दिवस के अवसर पर विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य सर्वेक्षण (Health Survey) के दौरान भी अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे पेंशन की स्थिति की जांच करें। यदि कोई पात्र व्यक्ति छूट गया है, तो उसे तत्काल योजना के दायरे में लाया जाए। यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए कि हर जरूरतमंद नागरिक को सम्मान के साथ सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिले।

विकसित भारत और समृद्ध बिहार का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन और पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के ‘समृद्ध बिहार’ के सपनों को साझा किया। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग का सहयोग और सरकारी तंत्र की सक्रियता अनिवार्य है। सरकार का मुख्य उद्देश्य गरीब और वंचित वर्गों को समाज की मुख्यधारा में लाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता और मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और संजय कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह आयोजन न केवल एक सरकारी प्रक्रिया थी, बल्कि लाखों पेंशनभोगियों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को भी दर्शाता है। भविष्य में भी सरकार इस प्रकार के कल्याणकारी कार्यों को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि राज्य का कोई भी नागरिक पीछे न छूटे।

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