रात 12:55 बजे बड़ा हादसा. चार और पांच नंबर पिलर के बीच 33 मीटर हिस्सा धंसा. राहत की बात, कोई हताहत नहीं
भागलपुर से बड़ी खबर.
पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल को जोड़ने वाली जीवनरेखा **विक्रमशिला सेतु** का एक हिस्सा रविवार देर रात गंगा में समा गया. घटना के बाद पुल पर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गयी है.
जानकारी के अनुसार, पुल के पोल नंबर 133 के पास चार और पांच नंबर पिलर के बीच का स्लैब अचानक टूटकर गिर गया. यह हादसा रात करीब 12:55 बजे हुआ. इससे पहले रात 11 बजे के आसपास ही एक्सपेंशन जॉइंट में गैप बनने की सूचना प्रशासन को मिल गयी थी.

समय रहते खाली कराया गया पुल, टला बड़ा नुकसान

जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने बताया कि गैप बनने की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत पुल खाली करवा दिया. कुछ ही देर बाद स्लैब गिर गया. इस वजह से कोई जनहानि नहीं हुई.
एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि फिलहाल पुल को पूरी तरह सील कर दिया गया है और आवाजाही पर रोक है. सोमवार से ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बदल दी जाएगी.

दो हिस्सों में बंटा संपर्क, वैकल्पिक रास्ता लागू

हादसे के बाद पुल के दोनों ओर पुलिस तैनात कर दी गयी है. किसी भी वाहन को जाने नहीं दिया जा रहा है.
अब यात्रियों और मालवाहक गाड़ियों को मुंगेर होकर जाने की सलाह दी गयी है. प्रशासन अन्य वैकल्पिक मार्गों की भी तलाश कर रहा है.

पहले से मिल रहे थे खतरे के संकेत

पुल के कई पिलरों में दरार और एक्सपेंशन जॉइंट में 4-5 इंच तक गैप की खबर पहले से सामने आ रही थी.
मार्च 2026 में भी कई पिलरों की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आयी थी.
बताया जा रहा है कि पिछले कई सालों से पुल की नियमित और ठोस मरम्मत नहीं हुई थी. भारी ट्रैफिक का दबाव भी लगातार बढ़ रहा था.

हर दिन गुजरती थीं 20-25 हजार गाड़ियां

यह पुल भागलपुर और नवगछिया को जोड़ता है. रोजाना करीब 20 से 25 हजार छोटी-बड़ी गाड़ियां इस पर चलती थीं. ट्रकों के कारण पुल के जोड़ों पर दबाव लगातार बढ़ता गया.

15 दिन तक मरम्मत में लग सकता है समय

करीब 33 मीटर स्लैब गंगा में गिर चुका है. शुरुआती अनुमान के अनुसार इसे ठीक करने में कम से कम 15 दिन लग सकते हैं. इस दौरान लोगों को लंबा रास्ता तय करना होगा.

सेतु का संक्षिप्त इतिहास

* लंबाई: 4.7 किलोमीटर
* निर्माण: 2001 में शुरू
* उद्घाटन: तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी
* जोड़ता है: भागलपुर (बरारी) से नवगछिया
* 2017 में 16 करोड़ से मरम्मत

आम लोगों के लिए सलाह

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें. अगले कुछ दिनों तक यात्रा में अतिरिक्त समय लग सकता है. यह हादसा सिर्फ एक पुल के टूटने की घटना नहीं है, बल्कि पूरे उत्तर और पूर्व बिहार की जीवनरेखा पर बड़ा असर डालने वाला संकट बन गया है.
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