बिहार में गंडक नदी के बढ़े जलस्तर के बीच पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा में सोमवार देर रात चंपारण तटबंध में अचानक धसान हो गया। बगहा-1 प्रखंड के खैरतवा गांव के पास चंपारण तटबंध के 4.00 किलोमीटर पर करीब 10 मीटर लंबाई में माइनर ब्रेच हुआ है। इसके बाद गंडक का पानी आसपास के खेतों में फैलने लगा है।
राज्य के जल संसाधन विभाग के रियल-टाइम आंकड़ों के अनुसार, 28 सितंबर को बगहा में गंडक नदी का जलस्तर 91.23 मीटर दर्ज किया गया, जो वहां के 90.30 मीटर के उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) से ऊपर है। हालांकि जलस्तर में गिरावट का रुझान दर्ज किया गया है।
खैरतवा के पास तटबंध में हुआ धसान
बाढ़ प्रतिवेदन के अनुसार, बगहा के निकट गंडक नदी का जलस्तर अब तक के उच्चतम फ्लड लेवल 90.90 मीटर को करीब 35 सेंटीमीटर पार कर गया था। इसी दौरान खैरतवा गांव के पास तटबंध में धसान की स्थिति बनी।
तटबंध से निकला पानी खेतों में फैल रहा है और चंपारण तटबंध के करीब 9.50 किलोमीटर पर दोबारा गंडक नदी में मिलने की संभावना है।
अगस्तिया, खैरटवा और चन्द्रपुर के निचले इलाकों में पानी फैलने की आशंका
तटबंध में टूटान के कारण बगहा-1 प्रखंड के अगस्तिया, खैरटवा और चन्द्रपुर गांवों के निचले इलाकों में पानी फैलने की आशंका जताई गई है। इससे इन क्षेत्रों में आवागमन और संपर्कता प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, राष्ट्रीय राजमार्ग-727 करीब तीन किलोमीटर दूर है। उपलब्ध बाढ़ प्रतिवेदन में आशंका जताई गई है कि एनएच-727 पर बड़े पैमाने पर असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि संबंधित क्षेत्र में गंडक नदी का प्रवाह तेजी से घट रहा है।
मरम्मत में जुटी जल संसाधन विभाग की टीम
तटबंध में धसान की सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और तटबंध की मरम्मत तथा पानी के फैलाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। पश्चिमी चंपारण जिला प्रशासन की ओर से भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि गंडक नदी इस समय बिहार के कई हिस्सों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। विभाग के 28 सितंबर के आंकड़ों में बगहा के अलावा त्रिवेणी, ठकराहा और अन्य गंडक निगरानी केंद्रों पर भी जलस्तर ऊंचा दर्ज किया गया है

