30 दिसंबर 2025। पंचायत चुनाव 2026। बिहार में पंचायत चुनाव पहली बार एक नये इवीएम मशीन से कराया जायेगा। इस मशीन का उपयोग अभी तक बिहार के किसी भी चुनाव में नहीं हुआ है। पंचायत चुनाव करानेवाले राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पुराने इवीएम मशीन को कूड़ेदान में डालने की तैयारी में हैं। लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव से रिजेक्ट किये गये इवीएम के मॉडल एम-2 से अभी तक पंचायत चुनाव और उप चुनाव कराया जाता रहा है। अब यह मॉडल बेकार हो गया है। इसको हटाने की तैयारी चल रही है। भारत निर्वाचन आयोग अपने लिए इवीएम का मॉडल एम-3 का प्रयोग करता है। इसको पंचायत चुनाव के लिए नहीं दिया जा सकता है।
नये मॉडल का इवीएम
बिहार पंचायत आम चुनाव 2026 के लिए राज्य निर्वाचन आयोग अपनी जरूरत के अनुसार इवीएम मशीन की खरीद करने जा रहा है। इसका नाम है- मल्टी पोस्ट इवीएम। अब मल्टी पोस्ट इवीएम से ही पंचायत चुनाव कराया जायेगा। इसकी खरीद राज्य निर्वाचन आयोग कर रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग 32 हजार से अधिक ऐसे इवीएम की खरीद कर रहा है।
मल्टीपोस्ट इवीएम से क्या होगा लाभ
जानकारों का कहना है कि मल्टी पोस्ट इवीएम से एक मशीन से एक साथ आठ पदों के लिए मतदान कराया जा सकता है। बिहार में पंचायत चुनाव के दौरान छह पदों के लिए मतदान कराया जाता है। इसमें चार पद त्रिस्तरीय पंचायत के होते हैं जबिक दो पद ग्राम कचहरी के होते है। त्रिस्तरीय पंचायत के पदों में मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के पद शामिल हैं जबकि ग्राम कचहरी में सरपंच और पंच का पद शामिल है।
कहां से क्या-क्या चुनावी सामग्री की हो रही है खरीद
राज्य निर्वाचन आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) हैदराबाद को 32 हजार से अधिक मल्टी पोस्ट ईवीएम खरीदने का आदेश दे दिया है जो निर्धारित समय से पहले आयोग को प्राप्त हो जायेगा। मल्टीपोस्ट इवीएम के साथ पॉवर पैक, टोटलाईजर मशीन एवं डिटैचेवल मेमरी मॉड्यूल भी साथ में खरीद की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा पंचायत आम चुनाव कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को 208 करोड़ दिया है।
आयोग ने किया है कई नयी तकनीकों का प्रयोग
पंचायत आम निर्वाचन 2026 में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई तकनीकी नवाचार किये जायेंगे. मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की पहचान के लिए आईटी आधारित सत्यापन व्यवस्था होगी. मतदान केंद्रों और मतगणना स्थलों पर शत-प्रतिशत वेबकास्टिंग की जायेगी. ईवीएम को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखने के लिए तकनीकी निगरानी व्यवस्था लागू होगी. मतगणना के दौरान ईवीएम (सीयू) में प्रदर्शित आंकड़ों को ओसीआर तकनीक से दर्ज किया जायेगा.

