दिसंबर 2026 के पहले होगा मतदान, मल्टी पोस्ट ईवीएम का पहली बार होगा प्रयोग
17 दिसंबर 2025।
बिहार में होनेवाला पंचायत आम चुनाव 2026 को लेकर राज्य में ऐसी अफवाहों का बाजार गर्म हुआ कि राज्य निर्वाचन आयोग को आगे आना पड़ा। आयोग ने अफवाहों पर विराम लगाते हुए पंचायत और ग्राम कचहरी चुनाव को लेकर स्पष्ट जानकारी जारी कर दी। आयोग ने भ्रम दूर करते हुए कहा है कि वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होना है. इससे पहले ही पंचायत आम चुनाव समय पर करा लिया जायेगा।
दिसंबर 2021 -जनवरी 2022 तक हुआ था चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पिछला पंचायत आम निर्वाचन अगस्त से दिसंबर 2021 के बीच संपन्न हुआ था। नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण दिसंबर 2021 के अंतिम सप्ताह से जनवरी 2022 के पहले सप्ताह के बीच हुआ था। इसी आधार पर आगामी पंचायत चुनाव 2026 दिसंबर से पहले कराना संवैधानिक और वैधानिक रूप से अनिवार्य है।
मल्टी पोस्ट ईवीएम से होगा मतदान
आयोग ने बताया कि पंचायत आम निर्वाचन 2026 में सभी पदों ग्राम पंचायत सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, ग्राम कचहरी सरपंच और पंच के लिए मतदान मल्टी पोस्ट ईवीएम से कराया जायेगा। इसके लिए राज्य सरकार स्तर पर नीतिगत निर्णय ले लिया गया है।
परिसीमन नहीं, 2011 की जनगणना ही आधार
निर्वाचित सदस्यों की संख्या और आरक्षण को लेकर भी आयोग ने स्थिति साफ की है। बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के अनुसार पंचायत क्षेत्रों में निर्वाचित पदों की संख्या जनगणना के प्रकाशित आंकड़ों के आधार पर तय होती है. 2021 की जनगणना नहीं होने से उसके आंकड़े प्रकाशित नहीं किये गये है। ऐसे में 2011 की जनगणना के आधार पर ही पंचायत क्षेत्रों और पदों का निर्धारण होगा. फिलहाल किसी नये परिसीमन का कोई प्रस्ताव नहीं है।
2026 चुनाव से पहले होगा आरक्षण का काम
आगामी पंचायत चुनाव से पहले ग्राम पंचायत और ग्राम कचहरी के विभिन्न पदों का आरक्षण किया जायेगा। इसमें मुखिया और सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य तथा ग्राम कचहरी सरपंच और पंच शामिल हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार दो लगातार क्रमिक चुनावों के बाद आरक्षण बदला जाता है। वर्ष 2016 में आरक्षण किया गया था जिसके आधार पर 2016 और 2021 में चुनाव हुए हैं। अब 2026 के चुनाव से पहले नया आरक्षण ससमय किया जायेगा. आरक्षण का आधार भी 2011 की जनगणना ही होगी।
चुनाव में तकनीकी नवाचार
पंचायत आम निर्वाचन 2026 में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई तकनीकी नवाचार किये जायेंगे। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की पहचान के लिए आईटी आधारित सत्यापन व्यवस्था होगी। मतदान केंद्रों और मतगणना स्थलों पर शत-प्रतिशत वेबकास्टिंग की जायेगी। ईवीएम को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखने के लिए तकनीकी निगरानी व्यवस्था लागू होगी। मतगणना के दौरान ईवीएम (सीयू) में प्रदर्शित आंकड़ों को ओसीआर तकनीक से दर्ज किया जायेगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने दो टूक कहा है कि पंचायत चुनाव 2026 को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। चुनाव, आरक्षण और तकनीकी व्यवस्था तीनों मोर्चों पर तैयारी कानून के मुताबिक और समय से की जायेगी।

