बिहार में गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर, केंद्रीय जल आयोग ने जारी किया बाढ़ अपडेट
पटना। बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के लोअर गंगा डिवीजन-2, पटना की ओर से 10 सितंबर 2026 को जारी बाढ़ समाचार के मुताबिक राज्य के कई प्रमुख नदी घाटों पर जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर है। हालांकि कई स्थानों पर अगले 24 से 48 घंटे में जलस्तर घटने का अनुमान जताया गया है।
पटना में गंगा अभी खतरे के निशान से 138 सेंटीमीटर ऊपर
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पटना जिले के गांधीघाट में गंगा नदी का जलस्तर 10 सितंबर की सुबह 6 बजे खतरे के निशान से 138 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। आयोग ने अनुमान जताया है कि 11 सितंबर की सुबह 8 बजे तक जलस्तर में करीब 13 सेंटीमीटर की कमी हो सकती है।
पटना के दीघा घाट में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 69 सेंटीमीटर ऊपर है। यहां अगले दिन सुबह तक करीब 19 सेंटीमीटर कमी की संभावना है।
वहीं हाथीदह में गंगा खतरे के निशान से 141 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। यहां भी 11 सितंबर सुबह तक करीब 16 सेंटीमीटर कमी का अनुमान है।
श्रीपालपुर में गंगा का जलस्तर 180 सेंटीमीटर ऊपर
पटना जिले के श्रीपालपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 180 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। हालांकि केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार 11 सितंबर की सुबह 8 बजे तक यहां जलस्तर में करीब 50 सेंटीमीटर कमी हो सकती है।
यह पटना जिले के लिए राहत की संभावना जरूर पैदा करता है, लेकिन फिलहाल नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर बना हुआ है।
भागलपुर और कहलगांव में भी गंभीर स्थिति
भागलपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 92 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। यहां 11 सितंबर सुबह 8 बजे तक करीब 12 सेंटीमीटर कमी की संभावना जताई गई है।
वहीं कहलगांव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 172 सेंटीमीटर ऊपर है। आयोग के मुताबिक 11 सितंबर रात 10 बजे तक इसमें करीब 12 सेंटीमीटर कमी हो सकती है।
साहिबगंज में गंगा खतरे के निशान से 142 सेंटीमीटर ऊपर है और 11 सितंबर शाम तक करीब 11 सेंटीमीटर कमी का अनुमान है।
बक्सर में गंगा बढ़ सकती है
बक्सर में स्थिति थोड़ी अलग है। यहां गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 47 सेंटीमीटर नीचे नहीं, बल्कि 47 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। केंद्रीय जल आयोग ने 11 सितंबर दोपहर 12 बजे तक करीब 5 सेंटीमीटर बढ़ोतरी की संभावना जताई है।
इससे बक्सर क्षेत्र में निगरानी बनाए रखना जरूरी होगा।
गंडक नदी के कई घाटों पर भी खतरे के ऊपर पानी
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक गंडक नदी भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में गंडक खतरे के निशान से 89 सेंटीमीटर ऊपर, 11 सितंबर सुबह तक करीब 17 सेंटीमीटर कमी की संभावना।
वैशाली के हाजीपुर में गंडक 25 सेंटीमीटर ऊपर, 10 सितंबर रात तक करीब 14 सेंटीमीटर कमी का अनुमान।
गोपालगंज के डुमरियाघाट में गंडक 20 सेंटीमीटर ऊपर, 11 सितंबर सुबह तक करीब 9 सेंटीमीटर कमी की संभावना।
बूढ़ी गंडक का जलस्तर 188 सेंटीमीटर ऊपर
खगड़िया जिले के खगड़िया में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 188 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। हालांकि आयोग ने 11 सितंबर सुबह 6 बजे तक करीब 8 सेंटीमीटर कमी का अनुमान लगाया है।
कोसी नदी भी कई जगह खतरे के निशान से ऊपर
बिहार की कोसी नदी को लेकर भी केंद्रीय जल आयोग ने महत्वपूर्ण आंकड़े जारी किए हैं।
सुपौल के बसुआ में कोसी का जलस्तर खतरे के निशान से 73 सेंटीमीटर ऊपर है। 10 सितंबर रात तक करीब 7 सेंटीमीटर कमी की संभावना है।
खगड़िया के बलतारा में कोसी 137 सेंटीमीटर ऊपर है। यहां अगले दिन सुबह तक करीब 3 सेंटीमीटर बढ़ोतरी का अनुमान है।
वहीं कटिहार के कुरसेला में कोसी का जलस्तर खतरे के निशान से 150 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। 11 सितंबर सुबह तक करीब 10 सेंटीमीटर कमी की संभावना है।
घाघरा और सोन नदी पर भी नजर
सिवान जिले के दरौली में घाघरा नदी खतरे के निशान से 67 सेंटीमीटर ऊपर है। आयोग ने 11 सितंबर सुबह तक इसमें किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई है।
सिवान के गुठनी में भी घाघरा नदी खतरे के निशान से 19 सेंटीमीटर ऊपर है और अगले दिन सुबह तक जलस्तर में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने का अनुमान है।
मनेर में सोन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। यहां 11 सितंबर सुबह तक करीब 23 सेंटीमीटर कमी की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने भी बारिश की संभावना जताई
केंद्रीय जल आयोग ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान का हवाला देते हुए कहा है कि 11 सितंबर 2026 तक सभी जलग्रहण क्षेत्रों में हल्की वर्षा होने की संभावना है।
ऐसे में नदियों के जलस्तर में स्थानीय स्तर पर उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। खासकर उन इलाकों में प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, जहां नदी पहले से खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है।
बाढ़ की स्थिति का बड़ा संकेत
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़े बताते हैं कि गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, घाघरा और सोन—कई प्रमुख नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर हैं। राहत की बात यह है कि पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और कई अन्य स्थानों पर अगले 24-48 घंटे में जलस्तर घटने का अनुमान है। लेकिन बक्सर और खगड़िया के कुछ इलाकों में बढ़ोतरी की संभावना अभी भी बनी हुई है।

