पटना, 7 सितंबर 2026। बिहार में गंगा समेत कई नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि के बावजूद बाढ़ की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। गांधीघाट, पटना में गंगा नदी का जलस्तर इस वर्ष रिकॉर्ड 50.58 मीटर तक पहुंच गया है, जो वर्ष 2016 में दर्ज 50.52 मीटर के उच्चतम जलस्तर से भी अधिक है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक, तटबंधों की लगातार निगरानी और फ्लड फाइटिंग के चलते आबादी वाले क्षेत्रों को सुरक्षित रखने में सफलता मिली है।
सिंचाई भवन स्थित जल संसाधन विभाग के सभागार में सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बिहार में बाढ़ की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस समय बाढ़ का मौसम है और चुनौती के दिन हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन की मुस्तैदी के कारण स्थिति नियंत्रण में है।
गांधीघाट पर गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर
विजय कुमार चौधरी ने बताया कि इस वर्ष गंगा नदी में जलश्राव में काफी अधिक वृद्धि हुई है। इसके कारण पटना के गांधीघाट पर गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर तक पहुंच गया। यह वर्ष 2016 में दर्ज 50.52 मीटर के उच्चतम जलस्तर से अधिक है।
इसके बावजूद पटना में बाढ़ की स्थिति को नियंत्रण में रखने में जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन को सफलता मिली है। विभाग के अधिकारियों और अभियंताओं द्वारा संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी की जा रही है।
गंगा के ऊंचे जलस्तर से बैकवाटर का असर
जल संसाधन मंत्री ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर लंबे समय तक ऊंचा रहने के कारण कई इलाकों में बैकवाटर (Back Water) का प्रभाव देखने को मिल रहा है। गंगा में पानी का स्तर अधिक होने के कारण दूसरी नदियों के पानी का निकास प्रभावित हो रहा है।
इसका असर खास तौर पर उन नदियों के निचले हिस्सों में दिखाई दे रहा है, जिनका जल गंगा में जाकर मिलता है। गंडक और पुनपुन नदी के निचले छोर में भी जलस्तर बढ़ने की स्थिति इसी वजह से बनी है।
भागलपुर में क्षतिग्रस्त बांध को बचाया गया
हाल ही में भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड में गंगा नदी पर निर्मित काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके बाद जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और अभियंताओं ने लगातार मौके पर काम किया।
विभाग के मुताबिक, आवश्यक फ्लड फाइटिंग और मरम्मती कार्य कर आबादी वाले क्षेत्रों में पानी के फैलाव को रोकने में सफलता मिली है। वर्तमान में यह स्थल सुरक्षित बताया गया है।
171 जगहों पर फ्लड फाइटिंग, 11 स्थानों पर मरम्मत पूरी
जल संसाधन विभाग के अनुसार पिछले एक सप्ताह के दौरान गंगा और अन्य नदियों में अत्यधिक जलश्राव और ऊंचे जलस्तर के बीच कुल 171 संवेदनशील स्थलों पर फ्लड फाइटिंग का कार्य किया गया है।
इन प्रयासों के दौरान 14 स्थानों पर तटबंध में रिसाव या क्षति की सूचना मिली। इनमें से 11 स्थानों पर कम से कम समय में मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। शेष 3 स्थानों पर मरम्मत का काम युद्धस्तर पर जारी है।
विभाग का कहना है कि अब तक के सर्वाधिक जलस्तर के बावजूद स्थिति नियंत्रण में है और तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है।
अगले 1-2 दिनों में गंगा का जलस्तर घटने की उम्मीद
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि अब गंगा नदी के जलस्तर में कमी आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग राज्य के विभिन्न तटबंधों और संवेदनशील स्थलों की दिन-रात निगरानी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि तटबंध सुरक्षित रहेंगे तो आबादी भी सुरक्षित रहेगी। विभाग का अनुमान है कि अगले एक से दो दिनों में बिहार में बाढ़ की स्थिति में और सुधार देखने को मिल सकता है।
बिहार बाढ़ 2026: महत्वपूर्ण आंकड़े
- गांधीघाट पर गंगा का जलस्तर: 50.58 मीटर
- 2016 का उच्चतम जलस्तर: 50.52 मीटर
- फ्लड फाइटिंग किए गए स्थल: 171
- तटबंध में रिसाव/क्षति वाले स्थल: 14
- मरम्मत किए गए स्थल: 11
- मरम्मताधीन स्थल: 3
- स्थिति में सुधार की उम्मीद: अगले 1-2 दिनों में
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तकनीकी परामर्शी मनोज रमण, विशेष सचिव के.डी. प्रौज्जवल, अभियंता प्रमुख ब्रजेश मोहन समेत जल संसाधन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

