चारा घोटाला मामलों की सुनवाई में तेजी, बिहार सरकार ने स्पेशल कोर्ट-III को बनाया विशेष अदालत
पटना, 11 जून: बिहार सरकार ने चारा घोटाला से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत पटना स्थित स्पेशल जज-III की विशेष अदालत को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जांच किए गए चारा घोटाला मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए अधिकृत कर दिया है।
विधि विभाग की ओर से जारी अधिसूचना संख्या S.O. 112, दिनांक 27 मई 2026 के अनुसार यह निर्णय पटना उच्च न्यायालय से परामर्श के बाद लिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्पेशल जज-III की अदालत अब चारा घोटाला से संबंधित मामलों की सुनवाई को अन्य मामलों की तुलना में प्राथमिकता देगी।
अधिसूचना के अनुसार यह अदालत पहले से गठित विशेष न्यायालय के रूप में कार्यरत रहेगी, लेकिन अब इसका मुख्य उद्देश्य चारा घोटाला मामलों का तेजी से निपटारा सुनिश्चित करना होगा।
सरकार ने इस फैसले के साथ पूर्व में जारी 3 जून 2011, 29 अगस्त 2018 और 14 दिसंबर 2023 की संबंधित अधिसूचनाओं में आवश्यक संशोधन भी किया है।
राज्य सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से लंबे समय से लंबित मामलों के निष्पादन में गति आएगी और न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।
मुख्य बातें
- चारा घोटाला मामलों की सुनवाई के लिए विशेष व्यवस्था
- स्पेशल जज-III की अदालत को विशेष अधिकार
- अन्य मामलों की तुलना में इन मामलों को मिलेगी प्राथमिकता
- बिहार सरकार ने पूर्व अधिसूचनाओं में किया संशोधन

