बिहार विधान परषद चुनाव को लेकर गुरुवार को प्रत्याशियों के नाम वापसी की अंतिम समय सीमा निर्धारित थी. एक भी प्रत्याशी ने नाम वापस नहीं लिया. तीन बजे की समय सीमा पूरा होने के बाद सभी 10 प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया. बिहार विधान परिषद की 10 सीटों को लेकर शुरू हुई चुनाव की प्रक्रिया इसके साथ ही समाप्त हो गयी.

विधानपरिषद की रिक्त सीटों पर दलगत प्रत्याशियों को मैदान में उतारा गया था. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के अलावा भारती मेहता, शिवानी देवी और ललन प्रसाद जबकि भाजपा की ओर से भोजपुरी स्टार पवन सिंह, संजय प्रकाश, अनिल ठाकुर और शीला पंडित निर्वाचित होनेवाले नये सदस्य है. राजद की ओर से सुनील सिंह और लोजपा (आर) की ओर से अशरफ अंसारी विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए हैं.

विधानसभा में दलगत स्थिति

जिन विधान परिषद सदस्यों का निर्वाचन किया गया है उनका चुनाव विधानसभा कोटे से किया गया है. यानी यदि मतदान की स्थिति पैदा होती तो विधानसभा सदस्यों द्वारा मतदान करके सदस्यों का चुनाव किया जाता. विधानसभा के माध्यम से इन सदस्यों का चयन किया गया है.

भाजपा- 88

जदयू- 85

राजद – 25

लोजपा (आर)- 19

कांग्रेस-   06

एआइएमआइएम- 05

हम- 05

राष्ट्रीय लोक मोर्चा -04

माले -02

सीपीएम- 01

आइआइपी- 01

बसपा – 01

रिक्त -01

उपेंद्र कुशवाहा को झटका

विधान परिषद चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा को बड़ा झटका लगा है. उनके पुत्र दीपक प्रकाश को दूसरी बार बिना किसी सदन (विधानसभा या विधान परिषद) का सदस्य बनाये बगैर कैबिनेट मंत्री बना दिया गया था. यह माना जा रहा था कि विधान परिषद की रिक्त हुई 10 सीटों में उनको भाजपा एक सीट सौंप देगी.

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