पटना के पाटलिपुत्र स्टेशन पर परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों का हंगामा, ट्रैक जाम और अफरा-तफरी से दहशत
पटना, रविवार। मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा देने के लिए राजधानी पटना पहुंचे हजारों अभ्यर्थियों के लिए रविवार की सुबह भारी अव्यवस्था और तनाव लेकर आई. पाटलिपुत्र स्टेशन पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की व्यवस्था नहीं होने और ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ के कारण स्थिति अचानक बिगड़ गई. देखते ही देखते स्टेशन परिसर विरोध और हंगामे का केंद्र बन गया.
अधिक संख्या में पहुंचने लगे थे परीक्षार्थी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह से ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी स्टेशन परिसर में जमा होने लगे थे. कई छात्र परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचने को लेकर चिंतित थे. जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, यात्रियों और अभ्यर्थियों के बीच बेचैनी भी बढ़ने लगी. स्थिति तब और खराब हो गई जब कुछ अभ्यर्थियों ने विरोध जताते हुए रेलवे ट्रैक पर उतरकर आवाजाही बाधित कर दी.
अव्यवस्था के विरोध में शुरू हुआ विरोध
स्टेशन परिसर में मौजूद लोगों के मुताबिक, प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों ने ट्रेनों के ऊपर चढ़कर विरोध दर्ज कराया. इस दौरान प्लेटफॉर्म और ट्रैक क्षेत्र में भारी शोर-शराबा हुआ, जिससे सामान्य यात्रियों में दहशत फैल गई. कई परिवार और बुजुर्ग यात्री सुरक्षित स्थान तलाशते नजर आए.
जमकर हुई पत्थरबाजी
बताया जा रहा है कि विरोध धीरे-धीरे उग्र रूप लेने लगा और कुछ स्थानों पर पत्थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं. हालात को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों को मौके पर तैनात किया गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को भी मौके पर पहुंचना पड़ा.
बड़े अधिकारियों ने पहुंचे
सूत्रों के अनुसार, रेल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और रेल महानिरीक्षक स्तर तक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश की. सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने, ट्रैक खाली कराने और स्टेशन संचालन सामान्य करने के लिए कार्रवाई की. इसके बाद धीरे-धीरे हालात नियंत्रण में लाए गए.
कई ट्रेन सेवाएं हुई प्रभावित
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कई ट्रेन सेवाएं प्रभावित होने की सूचना है, हालांकि प्रशासन की ओर से यात्रियों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है.
यह घटना एक बार फिर बड़े भर्ती परीक्षा आयोजनों के दौरान परिवहन और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े करती है. अभ्यर्थियों का कहना है कि समय पर पर्याप्त ट्रेन और व्यवस्थाएं उपलब्ध होतीं तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती.

